DEPARTMENT OF WOMEN & CHILD DEVELOPMENT

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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना परिचय व आवश्यकता


भारत का सामाजिक तानाबाना स्वयं में जटिल और संवेदी है। सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक और पारिवारिक परिस्थितियां महिलाओं और बालिकाओं के लिए अनादिकाल से भेदभाव पूर्ण रही है। समाज में प्रचलित कुरीतियां एवं भेद-भाव जैसेः कन्या भ्रूण हत्या, असमान लिंगानुपात, बाल विवाह एवं बालिकाओं के प्रति परिवार की नकारात्मक सोच जैसी प्रतिकूलताओं के कारण प्रायः बालिकायें/महिलायें अपने जीवन, संरक्षण, स्वास्थ एवं शिक्षा जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। इन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने हेतु सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर निरन्तर प्रयास भी किये जा रहे हैं। इस परिवेश के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के रूप में नई पहल की जा रही है जो अत्यन्त आवश्यक है। राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ विकास हेतु नये अवसर प्रदान करने के लिए यह योजना प्रारम्भ की जा रही है। इसके फलस्वरूप जहाँ एकतरफ कन्या भ्रूण हत्या एवं बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के रोकथाम के प्रयासों को बल मिलेगा वहीं दूसरी ओर बालिकाओं को उच्च शिक्षा व रोजगार के अवसरों की ओर बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। महिला सशक्तिकरण वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता है। पोर्टल का उद्घाटन श्री योगी आदित्य नाथ, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल और माननीय कैबिनेट मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी, महिला एवं बाल विकास, भारत सरकार द्वारा दिनाँक 25 अक्टूबर 2019 को किया गया।

Introduction & Need for Mukhyamantri Kanya Sumangla Yojana

India has had a complex social structure. Social, religious, educational and family circumstances have been biased for women and girls since ages. The social vices and discrimination like female feticide, skewed sex ratio, child marriage and negative mindset for girls in the family etc prevalent in the society are barriers for girls and women to achieve their fundamental rights including protection, health and education. To end such inequalities and discrimination, there have been efforts made at by government as well as non-government organizations in the past and present scenarios. In addition to the existing efforts being made by the government, Uttar Pradesh is introducing a conditional cash transfer scheme as ‘Mukhyamantri Kanya Sumangla Yojana’ which is an initiative to ensure social security to the girl child along with her development. Because of this at one hand efforts to prevent social vices like female feticide and child marriage and on other hand girls will get an opportunity to advance towards opportunity of higher education and employment. The portal was inaugurated by Shri Yogi Adityanath, Hon'ble Chief Minister, Uttar Pradesh, Governor Smt. Anandi Ben Patel and Hon'ble Cabinet Minister Smriti Zubin Irani, Women and Child Development, Government of India on 25 October 2019.




Stages for implementation of Mukhyamantri Kanya Sumangla Yojana

Mukhyamantri Kanya Sumangla Yojana will be implemented in six stages:-

Stage1. The girl child born on 01/04/2019 or after will be benefited with Rs. 5000.00/- One Time
Stage2.The girl child who has received full immunization and is not born before 01/04/2018 will be benefited with Rs. 2000.00/- One Time
Stage3.The girl child who has enrolled in Standard 1 during the current academic year will be benefited with Rs. 3000.00/- One Time.
Stage4.The girl child who has enrolled in Standard 6 during the current academic year will be benefited with Rs. 3000.00/- One Time.
Stage5.The girl child who has enrolled in Standard 9 during the current academic year will be benefited with Rs. 5000.00/- One Time.
Stage6.The girl who has passed standard 10/12 and has enrolled into a bachelor degree/ at least 2 years of certified diploma course in the current academic year will be benefited with Rs. 7000.00/- One Time.

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के क्रियान्वयन के स्तर

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 6 श्रेणियों में निम्नवत् लागू की जायेगी:-

प्रथम श्रेणी नवजात बालिकाओं जिनका जन्म 01/04/2019 या उसके पश्चात् हुआ हो, को रू0 5000.00 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
द्वितीय श्रेणी वह बालिकायें सम्मिलित होंगी जिनका एक वर्ष के भीतर सम्पूर्ण टीकाकरण हो चुका हो तथा उनका जन्म 01/04/2018 से पूर्व न हुआ हो, को रू0 2000.00 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
तृतीय श्रेणी वह बालिकायें सम्मिलित होंगी जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश लिया हो , को रू0 3000.00 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
चतुर्थ श्रेणी वह बालिकायें सम्मिलित होंगी जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान छठी कक्षा में प्रवेश लिया हो , को रू0 3000.00 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
पंचम श्रेणी वह बालिकायें सम्मिलित होंगी जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान नवीं कक्षा में प्रवेश लिया हो , को रू0 5000.00 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।
षष्टम् श्रेणी वह सभी बालिकायें सम्मिलित होंगी जिन्होंने 10वीं/12वीं कक्षा उत्तीर्ण करके चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान स्नातक-डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश लिया हो , को रू0 7000.00 एक मुश्त धनराशि से लाभान्वित किया जायेगा।


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Eligibility Criteria for Mukhyamantri Kanya Sumanga Yojana

1. The family of beneficiary must be resident of Uttar Pradesh and must have proof of residence for the same under which Ration Card/ Aadhar Card/ Voter ID/ electricity bill / telephone bill will be valid.
2.The income of beneficiary's family must be maximum 3 Lakh per annum
3.Maximum of two girls of one family will be benefitted under the scheme
4.Family must have maximum two children.
5.If woman delivers twin babies in her second delivery then the third girl child will also be eligible for benefit. If woman has a girl from first delivery and she has twin girls from her second delivery then only in this condition all the three girls will be eligible for benefit.
6.If a family has adopted a orphan girl then the maximum of two girls will be benefitting under the scheme including the biological children and the adopted girl child.

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की पात्रता की अहर्ताएं

1. लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो, जिसमें राशन कार्ड/आधार कार्ड/वोटर पहचान पत्र/विद्युत/टेलीफोन का बिल मान्य होगा।
2. लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रु0-3.00 लाख हो।
3. किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
4. परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
5. किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकायें ही होती हैं तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा।
6. यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप में गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुये अधिकतम दो बालिकायें इस योजना की लाभार्थी होंगी।




 

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